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कà¥à¤¯à¤¾ गठिया के मरीज दूध और अंडे खा सकते हैं?
यह जान लें कि गठिया के मरीज सिरà¥à¤« वही पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ नहीं खा सकते जिसमें पà¥à¤¯à¥‚रीन की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¦à¤¾ होती है!
गठिया à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जिससे पीड़ित हो जाने के बाद मरीज को अपने खानपान का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना पड़ता है। खासतौर पर लोगों को à¤à¤¸à¥€ चीजें खाने की सलाह दी जाती है जिसमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो। इसीलिठà¤à¤¸à¤¾ कहा जाता है कि गठिया के मरीजों को दूध और अंडें का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा कà¥à¤› लोग पालक और दाल खाने से à¤à¥€ मना करते हैं। इन सब कारणों की वजह से गठिया से पीड़ित मरीजों का पेट ठीक से à¤à¤° नहीं पाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बिना पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजें खाने से आपको à¤à¤¸à¤¾ लगता है जैसे आपका पेट à¤à¤°à¤¾ ही नहीं है। गठिया के मरीजों को दूध और अंडा खाना चाहिठया नहीं खाना चाहिठइस बारे में हमने चेमà¥à¤¬à¥‚र सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ गीता शेनॉय नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨ à¤à¤‚ड वैलनेस कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• की डायटीशियन गीता शेनॉय से बात की।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि सबसे पहले यह जान लेना ज़रूरी है कि पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सिरà¥à¤« à¤à¤• ही तरह का नहीं होता है बलà¥à¤•ि उसमें à¤à¥€ कई पà¥à¤°à¤•ार होते हैं। गठिया के मरीजों को सिरà¥à¤« उसी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन नहीं करना चाहिठजिसमें पà¥à¤¯à¥‚रीन की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जबकि à¤à¤¸à¥‡ कई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ हैं जिसमें पà¥à¤¯à¥‚रीन काफी कम होता है। डॉ. शेनॉय के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कà¥à¤› सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और सेरेल में पाया जाने वाला पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ गठिया के मरीजों के लिठनà¥à¤•सानदायक नहीं होता है। अणà¥à¤¡à¥‹à¤‚ में जो पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है उसमें à¤à¥€ पà¥à¤¯à¥‚रीन की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है इसलिठआप आराम से अंडे खा सकते हैं। इसके अलवा अणà¥à¤¡à¥‹à¤‚ में ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡, विटामिन बी, बायोटिन और फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ होती है जिस वजह से यह गठिया के मरीजों के लिठकिसी à¤à¥€ कीमत पर नà¥à¤•सानदायक नहीं है।
इसी तरह अगर हम दूध की बात करें तो आपको यह जानकार आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ होगा कि दूध आपके बà¥à¤²à¤¡ में मौजूद यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करने में मदद करती है। इसका मतलब यह है कि अगर आप गठिया से पीड़ित हैं तो दूध का सेवन आपको इस समसà¥à¤¯à¤¾ से आराम दिलाà¤à¤—ा। इसके अलावा दूध में बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है जिससे बोन डेंसिटी और बेहतर होती है और गठिया का खतरा कम होता है। हालांकि गठिया के मरीजों को चिकन, बीफ जैसी चीजें खाने से मना किया जाता है लेकिन वे दूध और अणà¥à¤¡à¥‹à¤‚ को अपनी डायट में आराम से शामिल कर सकते हैं।
à¤à¤• दिन में कितना दूध और अंडो का सेवन करना चाहिà¤:
डायटीशियन गीता शेनॉय बताती हैं कि à¤à¤• दिन में आप 400 à¤à¤® à¤à¤² तक दूध पी सकते हैं। इसके अलावा आप à¤à¤• दिन में à¤à¤• ही अंडा खाà¤à¤‚ वो आपकी सेहत के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है। कोशिश करें कि आप अंडे का सिरà¥à¤« सफ़ेद वाला हिसà¥à¤¸à¤¾ ही खाà¤à¤‚ वो आपके लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद रहेगा।
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